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अपनी योनि के बाल कैसे करें साफ़

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अपनी योनि के बाल कैसे करें साफ़




15 साल की उम्र से ही सभी लड़कियों को योनि में घने बाल आने लगते हैं। इन बालों को छोटी उम्र की लड़कियां साफ़ नहीं करती हैं, और कई बार तो औरतें भी इन्हें हटाने से कतराती या शर्माती हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यौन रोग की आधी जड़, योनि को साफ़ न रखना होती है। वेजिना या योनि, शरीर का अहम् हिस्सा है, जिसे साफ़ करना बहुत जरुरी होता है। इसके बालों को साफ़ करने में कोताही न बरतें। वेजिना पर निकलने वाले बालों को प्यूबिक हेयर कहते हैं, जिन्हें निम्न तरीकों से हटाया जा सकता है:

प्यूबिक वैक्स: ये एक प्रकार का वैक्स है जो कि योनि पर किया जाता है। इसे आप घर पर प्रैक्टिस के बाद ही कर सकती हैं, इससे अच्छा होगा कि आप किसी अच्छे एस्थेटीशियन का अपॉइंटमेंट लें और उनसे प्यूबिक हेयर पर वैक्स करवा लें।


आपको एक बात ध्यान रखनी होगी कि प्यूबिक वैक्स को महीने में सिर्फ एक बार ही करवाएं। वरना आपको वेजिना की स्किन पर रैशेज़ हो सकते हैं और वह की स्किन लूज़ पड़ सकती है।


प्यूबिक हेयर रिमूवल: प्यूबिक हेयर को परमानेंट भी हटाया जा सकता है। इसके लिए आपको हेयर रिमूवल सर्जरी करवानी होगी। इस सर्जरी में थोड़ा सा खर्चा आता है और इसे किसी अनुभवी डॉक्टर से ही करवाना चाहिए।


इस सर्जरी के कुछ राउंड होते हैं, एक ही बार में प्यूबिक हेयर नहीं रिमूव होते हैं। वो बार-बार उग आते हैं, जिन्हें बार-बार सर्जरी से हटा देना होता है और उसके बाद ये कभी नहीं निकलते हैं। लेकिन जहाँ तक संभव हो इस विकल्प को न अपनाएं। जो लोग मॉडलिंग या फैशन वर्ल्ड में हैं उन्हें इसकी खास जरुरत पड़ती है।


शेव करें: ये बहुत पुराना और आसान तरीका है। आप प्यूबिक हेयर को इस प्रकार शेव कर सकते हैं -
सबसे पहले प्यूबिक हेयर को किसी छोटी कंघी से काढ़ लें और उसके बाद उन्हें कैंची से ट्रिम कर दें।
शैम्पू को पानी में भिगोकर झाग बना लें और उसे हेयर्स पर लगाएं ताकि बाल सॉफ्ट हो जाएँ।
अब वूमन रेज़र लें और उससे सावधानी से शेव करें।
शेव करते टाइम स्किन को टाइट रखें वरना आपको कट लग सकता है।
शेव करने के बाद गुनगुने पानी से धुल लें।
किसी कोल्ड क्रीम को लगा लें।


हेयर रिमूवल क्रीम: हेयर रिमूवल क्रीम, प्यूबिक हेयर को क्लीन करने का सबसे सरल तरीका है। इससे आप बिना किसी झंझट के 10 मिनट में सारे बालों को साफ़ कर सकती हैं। पर हमारी राय है कि इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा न करें।


बगल के बालों को हटाने में भी इस क्रीम का इस्तेमाल कम से कम करें।

क्यों गर्भावस्था के बिना ही ब्रैस्ट से दूध निकलता है ?



अक्सर कुछ लड़कियों में यह समस्या देखने को मिलती है कि बिना गर्भधारण किए ही उनके निप्पल से दूध या स्राव निकलने जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती हैं। जिससे कि लड़कियॉं काफी डर जाती हैं, लेकिन इस तरह की समस्या क्यों उत्पन्न होती हैं इसके बारे में क्या आपने कभी सोचा है। अगर नहीं तो आज हम अपने आर्टिकल के जरिए आपको बताएँगे।
निप्पल डिस्चार्ज क्या है ?


जब किसी महिला को निप्पल के दबाने पर या बिना दवाये ही स्राव या दूध निकलने जैसी समस्या उत्पन्न हो तब उसे निप्पल डिस्चार्ज कहते हैं। इस तरह की समस्या एक या दोनों स्तनों में से समान रूप से हो सकती है। इस तरह की समस्या मेडिकल समस्या या उसके बिना भी उत्पन्न हो सकती है।
किस तरह का स्राव गंभीर होता है ?


जब किसी महिला के निप्‍पल से सफ़ेद, लाल, गुलाबी या भूरे रंग का स्राव हो तब यह गंभीर हो सकता है। क्योंकि, इसे नज़रअंदाज करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा, जब आपके ब्रैस्ट से बिना दवाये खुद ब खुद डिस्चार्ज होता हो तब यह आपके लिए परेशानी उत्पन्न कर सकता है।
अकारण निप्पल से स्राव के क्या कारण हैं ?


आमतौर पर, नॉनकैंसरस की कई स्थितियों में निप्पल डिस्चार्ज हो सकता है। जिसके कारणों का पता निम्न तरीकों से लगाया जा सकता है, जो निम्न हैं-


इसका रक्त परीक्षण

एक या दोनों स्तनों का मेमोग्राम या अल्ट्रासाउंड

मस्तिष्क स्कैन

अल्टासाउड सोनोग्राफ


हालाँकि, इसके कई कारण हो सकते हैं जो निम्न हैं-
संक्रमण


जब भी किसी महिला के स्तन से बिना गर्भावस्था के मवाद या दूध का निकलना संक्रमण का कारण हो सकता है। इसे मस्तीतिस के नाम से भी जाना जाता है। हालाँकि, इस तरह की समस्या उन महिलाओं में देखा जाता है जो स्तनपान कराती हों। लेकिन, यह उन महिलाओं में भी विकसित हो सकती है जो लैक्टेट नहीं कर रही हों। ऐसे में, यदि आपके स्तन में संक्रमण या फोड़ा हो, तब आप यह भी देख सकते हैं कि आपके स्तन लाल, गर्म और छूने पर कठोर दिखे।
मम्मारी डक्ट एक्टेसिया


यह असामान्य रूप निप्पल डिस्चार्ज का दूसरा सबसे बड़ा कारण माना जाता है। यह आम तौर पर उन महिलाओं में देखा जाता है जो मेनोपॉज़ के करीब होती हैं। इस दौरान निप्पल में सूजन और नीचे स्थित नलिकाओं में संभावित रुकावट देखने को मिल सकते हैं। जब भी किसी महिला में इस तरह की स्थिति उत्पन्न होती है, तब उनमें संक्रमण का विकास हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप मोटी, हरे रंग निप्पल डिस्चार्ज होता है।
इंट्रैडैक्टल पेपिलोमा


ये स्तन के नली में नॉनकंसेसर ग्रोथ हैं, जो कि महिलाओं में सबसे आम है। हालाँकि, इस तरह के स्राव में हल्का रक्त और चिपचिपा पदार्थ भी होता है।
घाव या फोड़ा होने पर


सामान्यतः इस तरह की समस्या महिलाओं में घाव या फोड़ा जैसी समस्या उत्पन्न होने पर होती है।


इन सब के वाबजूद भी इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे-


हार्मोन में बदलाव

गर्भनिरोधक दवाओं का अधिक सेवन


कुछ दवाओं के सेवन के कारण

प्रोलेक्टिन के स्तर में वृद्धि आदि के कारण।


ऐसे में यदि किसी महिला में इस तरह की समस्या उत्पन्न होती है तब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि जल्द से जल्द इलाज किया जा सके।



यदि आपको कमर और पेट में दर्द है तो हो सकती है यह समस्या





ज्यादातर लोग कमर और पेट में होने वाले दर्द को नज़रअंदाज़ कर देते हैं जिसका खामियाज़ा उनको आगे चल कर उठाना पड़ता है। खासकर ऐसा दर्द, जो बहुत तेज शुरू हो, और आम तौर पर अपने आप ठीक नहीं हो पा रहा हो। इस तरह के दर्द उत्पन्न होते ही तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। क्योंकि, इस तरह के दर्द पेट में पथरी के संकेत हो सकते हैं।


आमतौर पर, इस तरह से उठने वाले दर्द सीधे तौर पर किडनी स्टोन की ओर इशारा करते हैं। क्योंकि, यह समस्या आप में से किसी को भी हो सकती है। कुछ मामलों में ऐसा होता है कि शरीर में छोटे स्टोन खुद ब खुद यूरिन (मूत्र) के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन कई बार यह भी हो सकता है कि पथरी का आकार इतना बड़ा होता है कि वह मूत्र मार्ग (यूरिनरी ट्रैक्ट) से खुद बाहर नहीं निकल पा रहा हो। तो ऐसे में डॉक्टर इसे लेजर या सर्जरी के जरिए बाहर निकालते हैं।


हालाँकि, कोई भी व्यक्ति किडनी के दौरान होने वाले दर्द को कुछ आसान से संकेत के जरिए पहचान सकते हैं, जैसे-

जब पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा हो 


जब दर्द पेट और कमर के हिस्से में हो रहा हो


जब दर्द काफी लम्बे समय तक हो रहा हो

दवाई लेने के बाद भी दर्द कम न हो


इसके अलावा, यदि आपके पथरी का आकार बड़ा हो गया हो, तो वह आपके यूरिन को भी ब्लॉक कर सकता है। जिसके कारण आपको उठने, बैठने चलने और फिरने में बहुत परेशानी हो सकती है। इतना ही नहीं, यह दर्द कमर और पेट के अलावा, जांघ के जोड़ों, या जननांगो तक भी पहुंच सकता है।साथ ही इसमें दर्द के साथ-साथ जी मचलना और उल्टी हो जाने जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं।


यदि यह समस्या ज्यादा बढ़ जाए तो, इसकी वजह से पेशाब रुक जाना, अचानक से पसीना और चक्कर आ जाना, यहाँ तक कि बुखार भी हो जाता है। यदि किसी को इस तरह की समस्या हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि समय रहते इस समस्या से छुटकारा पाया जा सके।

प्रेगनेंसी के बाद क्यों होती है पीठ दर्द की समस्या ?



प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को बहुत तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन कुछ परेशानियाँ ऐसी भी हैं जो शिशु के जन्म के बाद भी रहती हैं। जिसमें सबसे मुख्य है पीठ दर्द की समस्या, क्योंकि यह समस्या महिलाओं में न केवल प्रेगनेंसी के दौरान रहती है, बल्कि यह प्रसव के बाद भी यह समस्या उभर कर सामने आती हैं।


आमतौर पर यह समस्या महिलाओं में निम्न कारणों से उत्पन होती हैं, जो निम्न हैं-


प्रसव के बाद महिलाओं को शारीरिक परिवर्तन के कारण पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द की समस्या उत्पन्न होती है।


गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय बड़ा हो जाता है और पेट की मांसपेशियों में तनाव के कारण वह कमजोर हो जाती है जिससे नसों पर दबाव पड़ता हैं और पीठ के दर्द होने लगता है।

गर्भावस्था में वजन बढ़ने से मांसपेशियों और जोड़ों पर भार पड़ता है और उन्‍हें अधिक कार्य भी करना पड़ता है, जिसके चलते पीठ के दर्द की शुरूआत होती है।

इसके अलावा, गर्भावस्था में हार्मोनल परिवर्तन के कारण हड्डियों और लिगमेंट लचीली, मुलायम या ढीला हो जाने के कारण दर्द की स्थिति उत्पन्न होती है।


हालाँकि, कुछ बातों को ध्यान में रखकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है, जिनमें निम्न शामिल हैं-
उचित खान-पान


गर्भावस्था के बाद महिलाएं पीठ में होने वाले दर्द को कम करने के लिए उचित आहार का सेवन करें। इसके लिए महिलाएं ऐसी चीजें खाएं जिनमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भरपूर मात्रा हो। क्योंकि, यह आहार आपके दर्द को कम करने में मदद करेगा।
एक्सरसाइज

प्रसव के बाद इस तरह की समस्या से उबरने के लिए एक्सरसाइज एक बेहतर विकल्प है। इसके लिए आप कुछ हल्के-फुल्के व्यायाम कर सकती हैं। इससे आपको पीठ दर्द की समस्या से काफी आराम मिलेगा। 
मालिश


मालिश करने से भी थकी और पीड़ाग्रस्त मांसपेशियों को आराम मिलता है। पीठ के निचले हिस्से और रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ चलने वाली मांसपेशियों पर कोमलतापूर्वक मालिश करने से भी राहत मिलती है।

क्या आपको भी खांसते या छिंकते समय होता है यूरिन पास ?



कुछ महिलाओं को खांसते या छिंकते समय यूरिन पास जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती है। हालाँकि, इस तरह की समस्याओं को महिलाएं बिल्कुल भी हल्के तौर पर न लें। क्योंकि, इस तरह की समस्या आगे चलकर आपके लिए बहुत बड़ी परेशानी पैदा कर सकती है। इसलिए, निचे बताए जा रहे हैं कि इस तरह की समस्या क्यों उत्पन्न होती है-
1 तनाव

अगर आपके साथ भी ऐसा होता है कि छींकते या खांसते ही यूरिन की कुछ बूंदे लीक हो जाती हैं, तो इसके पीछे मुख्य कारण तनाव भी हो सकता है। ऐसा करने से ब्लैडर पर तनाव पड़ता है और यूरिन निकल जाती है।
2 फंक्शनल प्रॉब्लम 

अगर आप कुछ स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के कारण यूरिन नहीं जा पा रहीं हैं तो ऐसे में आपके शरीर में कोई फंक्शनल प्रॉब्लम हो सकती है।
3 बहुत तेजी से लीक होना 


कई बार ऐसा होता है कि पेशाब काफी तेज आती है और हम उसे कंट्रोल नहीं कर पाते हैं, ऐसे में आप यह जान लें कि ऐसा कभी कभार डायबिटीज की बीमारी के कारण भी होता है।
4 पेशाब का ऑवरफ्लो होना 


अगर आपके साथ ऐसा होता है कि आपका ब्लैडर खाली है, लेकिन आपको फिर भी यूरिन आ रही है तो ऐसे में आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


क्यों होती है महिलाओं में वेजाइनल ब्लीडिंग ?



बहुत सी महिलाओं में वेजाइनल ब्लीडिंग की समस्या सुनने और देखने को मिलती है, जिस दौरान उन्हें असामान्य रक्तस्त्राव, या क्लॉट लगने की समस्या को झेलना पड़ता है। हालाँकि, योनि से बिना किसी कारण के रक्तस्राव का होना असमान्य माना जाता है, जिसका सही समय पर इलाज़ न कराने से यह घातक भी हो सकता है।

ज्यादातर महिलाएं, इस तरह की समस्या होने पर घबरा जाती हैं, लेकिन इससे डरने की जरूरत नहीं है बल्कि, उन्हें समय रहते अपने डॉक्टर से संपर्क करना चहिये। हालाँकि, ऐसे कई कारण हैं, जो वेजाइनल ब्लीडिंग की समस्या को बढ़ावा देते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-


योनि संक्रमण- वेजाइनल ब्लीडिंग का सबसे बड़ा कारण योनि में संक्रमण होता है, और यह संक्रमण ज्यादातर गंदगी के कारण फैलता है। क्योंकि, कुछ महिलाएं अपने योनि की साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं, इसके अलावा असुरक्षित यौन सम्बन्ध भी इसका एक कारण है। 


ख़राब लाइफस्टाइल- इसके अलावा योनि स्राव की समस्या खराब जीवन-शैली के कारण भी हो जाती है। क्योंकि इस दौरान, महिलाएं न तो सही से डाइट ले पाती हैं और न ही नींद, जिस वजह से यह समस्या उत्पन्न होती है।


गर्भावस्था के दौरान- गर्भावस्था के दौरान रक्त स्राव का होना एक अलग समस्या है। लेकिन अधिक मात्रा में योनि से रक्त का निकलना सामान्य नहीं होता, ऐसे में यदि किसी गर्भवती महिला को अचानक योनि से अधिक मात्रा में रक्तस्राव हो रहा हो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 


हार्मोन में परिवर्तन- महिलाओं में, असामान्य गर्भाशय रक्तस्राव के कई कारण हैं। महिलाओं में यह समस्या कभी-कभी हार्मोन के स्तर में परिवर्तन के कारण भी हो सकती है। इसके अलावा, गर्भाशय में वृद्धि या खून के थक्के के रूप में भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।


पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम- महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओ) एक हार्मोन असंतुलन है, जो कि सामान्य ओवुलेशन के साथ हस्तक्षेप और असामान्य रक्तस्राव का कारण बन सकता है ।


गर्भनिरोधक गोलियां- कभी-कभी इस तरह के गर्भनिरोधक गोलियों के रूप में दवाओं का सेवन, असामान्य रक्तस्राव को पैदा कर सकता है। इसके अलावा, अंतर्गर्भाशयी डिवाइस ( आईयूडी) भी मासिक धर्म या सामान्य तौर से महिलाओं में भारी रक्तस्राव का कारण बन सकता है।

इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान, इस तरह की समस्या बहुत ही घातक हो सकती है, क्योंकि इस तरह की समस्या गर्भपात का कारण हो सकती है। इस तरह की समस्या उत्पन्न होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।



मुँह के छालों से बचने के 5 आसान उपाय



आए दिन कोई न कोई व्यक्ति मुंह में छाले की समस्या से परेशान रहता है, इससे न केवल दर्द सहन करना पड़ता है, बल्कि खाने-पीने में भी समस्या उत्पन्न होने लगती है। आमतौर पर छाले की समस्या तीखे भोजन करने या पेट में गड़बड़ी के कारण उत्पन्न होता है, जैसे कि पेट का साफ न रहना और हमेशा कब्ज की समस्या रहना आदि के रूप में। हालांकि, निचे कुछ आसान से उपाय बताए जा रहें हैं जिसको अपना कर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-
गुनगुना पानी और नमक

गुनगुना पानी और नमक का प्रयोग करने से छाले की समस्या से राहत मिलती है। ऐसे में, आप एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं और इसे धीरे-धीरे मुंह में डालें। इस क्रिया को दिन में तीन से चार बार दोहराएं, इससे थोड़ी देर के लिए जलन और दर्द महसूस हो सकता है, लेकिन छाले की समस्या से जल्द छुटकारा मिलती है।
पुदीने की पत्ती

मुंह में छाले की समस्या को कम करने के लिए पुदीने की पत्ती भी बेहद फायदेमंद है। इसे आप मुंह में रख कर इसका रस चूसें ऐसा करने से छाले जल्द ठीक होगें।
पान

मुंह के छाले के लिए पान का प्रयोग बहुत पहले से किया जाता रहा है। ऐसे में, आप एक सादे पान में हल्का चुना, कत्था और पिपरमिंट खाने से मुंह के छाले बहुत जल्द ठीक होते हैं।
ज्यादा से ज्यादा पानी पियें

मुंह में छाले के दौरान जितना हो सके पानी का सेवन करें, क्योंकि पानी का अधिक सेवन करने से आपको कब्ज की समस्या से राहत मिलेगी और साथ ही आपके छाले भी जल्द से जल्द से जल्द ठीक होंगें।
मुलेठी

मुलेठी में पाया जाने वाला एन्टी-इन्फ्लैमटोरी के गुण मुँह के छाले के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ऐसे में, आप मुलेठी को पीस लें और उसमें शहद मिलाकर छाले के ऊपर लगायें। इससे आपको बहुत आराम मिलेगा।

इसके अलावा, यदि आपको मुंह में छाले की समस्या बार-बार उत्पन होती है तो ऐसे में तेल और मसाले वाली चीजों से दूरी बना कर रखें।

काले पड़ रहे हाथों को इन 5 तरीकों से बनाएं गोरा !



चेहरे के साथ-साथ शरीर के बाकी हिस्सों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, खासकर हाथों का। क्योंकि, पूरे शरीर में आपके हाथों की सुंदरता भी बहुत मायने रखती है। आमतौर पर, हाथों में कालेपन की समस्या अच्छे से सफाई न होने या फिर टैंनिग के कारण होती है। लेकिन, कुछ ऐसे तरकीब हैं जिसके जरिए आप अपने हाथों को गोरा कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-
कच्चा दूध और नींबू

हांथों पर पड़ रहे कालेपन को दूर करने के लिए कच्चा दूध और नींबू एक बेहतर विकल्प है। इसके लिए सबसे पहले आप अपने हांथो को अच्छे से साफ कर लें, उसके बाद उस पर दूध और नींबू से मसाज करें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में धीरे-धीरे कालेपन की समस्या खत्म हो जाएगी।
वैक्स करें

हाथों पर नियमित रूप से वैक्स करने से भी त्वचा का रंग निखरता है। वैक्स करने से डेड स्किन बाहर निकल जाती है नई त्वचा को सांस लेने में मदद मिलती है। नियमित रूप से हाथों की त्वचा पर वैक्स करें।
बेसन, हल्दी और नींबू

हांथों को टैंनिग की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए बेसन, हल्दी और नींबू किसी रामबाण से कम नहीं है। क्योंकि, बेसन एक प्राकृतिक स्क्रब का काम करता है, वहीँ नींबू प्राकृतिक एसिड का काम करता है और हल्दी त्वचा में निखार लाता है। ऐसे में, इन तीनों के मिश्रण को लगाने से हांथों का कालापन कुछ दिनों में दूर हो जाता है।
जैतून का और चीनी-

त्वचा में हुए टैन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक कटोरी में चीनी और जैतून के तेल की कुछ बूदें डालकर अपने हाथों के उन प्रभावी क्षेत्रों पर रगड़ें 5 मिनट के बाद अपने हाथों को गुनगुने पानी से धो लें। जल्द ही इसके अच्छे परिणाम आपको देखने को मिलेगें।
आलू

आलू दाग-धब्बों को दूर कर त्वचा को साफ करने का काम करता है। इसके लिये आप पहले आलू को कद्दूकस कर लें और इसका रस निकालकर इसे प्रभावित अंगों पर लगायें। 15 मिनट तक लगे रहने के बाद इसे धो लें। यह त्वचा के रंगत को साफ कर सुंदर बनाने का काम करता है।



बालों के लिए वरदान है प्याज का रस



अधिकतर लोग प्याज़ का इस्तेमाल खाने में करते हैं, लेकिन इसका प्रयोग बालों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि, प्‍याज में मौजूद सल्‍फर बालों की जड़ों को पोषण देता है जिससे बालों के विकास में मदद मिलती है। इसलिए बहुत से लोग बालों की लंबाई बढ़ाने के लिए प्‍याज का रस लगाते हैं। प्‍याज में मौजूद एंटी-बैक्‍टीरियल के गुण आपके गिरते बालों को रोकने, रूसी और सिर के संक्रमण आदि को दूर करने में मदद करता है।

ऐसे में आप अपने बालों के लिए प्याज का प्रयोग निम्न तरीकों से कर सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

प्‍याज का रस


प्‍याज का रस बालों के लिए बेहद कारगर माना जाता है, इसके लिए आप सबसे पहले प्याज के रस को निकालकर इसे स्‍कैल्‍प पर आधे घंटे के लिए लगाएं। साथ ही अपने सिर पर तौलिये को लपेट लें, उसके बाद अपने बालों को शैंपू से अच्‍छी तरह से धो लें।


प्याज और नारियल तेल


नारियल तेल में प्‍याज के रस को मिलाकर लगाने से यह बालों के विकास को बढ़ावा और पोषण देता है। इसके लिए आप प्‍याज के रस को तेल के साथ मिलाकर बालों में मसाज करें। इसके अलावा, अच्छे परिणाम के लिए अपने सिर पर तौलिया लपेटें और भाप लें। यह उपाय स्‍कैल्‍प से मृ‍त कोशिकाओं को हटाता है, जिससे कि बालों की ग्रोथ बढ़ती है।
प्‍याज के साथ नींबू


नींबू और प्‍याज के रस का प्रयोग बालों की ग्रोथ के साथ-साथ रूसी के इलाज में भी मदद करता है। इतना ही नहीं, नींबू का रस स्‍कैल्‍प को साफ करने के साथ ही बालों का झड़ना भी कम करता है।
प्याज और अंडे की सफेदी


लंबे बालों के लिए प्याज और अंडे से बना हेयर पैक बहुत ही लाभकारी होता है। इस पैक को बनाने के लिए प्‍याज के रस में अंडे के सफेद हिस्‍से को मिक्‍स कर लें। फिर इस पैक को 25-30 मिनट अपने गीले बालों में लगाकर शैंपू कर दें।
प्याज का रस और रम


बालों के विकास के लिए प्याज के रस का प्रयोग तो फायदेमंद माना ही जाता है, लेकिन अच्छे परिणाम के लिए इसके साथ रम और भी अच्छा माना जाता है। इसके लिए आप एक गिलास में रम लें, और उसमें रातभर के लिए घिसी हुई प्‍याज को डाल कर रखें। सुबह इस मिश्रण को छान कर अपने सिर की मसाज करें। इससे आपके बालों को मजबूती मिलेगी और जल्‍द से जल्‍द बाल बढ़ने शुरु हो जाएगें।


घर पर पैडीक्योर कैसे करें



क्या आप अपने पैरों को साफ़ और सुन्दर बनाना चाहती हैं? अब आपको ऐसा लग रहा होगा कि इसके लिए पार्लर जाना जरुरी है। अरे नहीं, आपको पार्लर जाने की कोई जरुरत नहीं है। आप घर पर भी अपने पैरों को साफ़ कर सकती हैं, जिसके लिए आपको उनका पैडीक्योर करना होगा। ये आसानी से किया जा सकता है बस इसके लिए आपको निम्न घरेलु सामग्रियों को को जुटाना होगा:
एक बाल्टी गुनगुना पानी
चुटकी भर नमक
गुलाब जल
आधा नींबू
पैडीक्योर ब्रश
नेलपॉलिश रिमूवर
एक छोटी तौलिया
लोशन

पैडीक्योर करने की विधि:
सबसे पहले नेलपॉलिश रिमूवर से पैरों की नेलपॉलिश को हटा दें। 
अब गुनगुने पानी में चुटकी भर नमक डालें। 
इसके बाद इसमें गुलाब जल डाल लें। 
साथ ही नींबू भी निचोड़ लें। 
अब अपने एक पैरों को गुनगुने पानी में डालें। 
थोड़ी देर पैर भीगने के बाद उनकी गंदगी फूल जाती है और आप उन्हें आसानी से साफ़ कर सकती हैं। 
इसके लिए पैडीक्योर ब्रश का इस्तेमाल करें। 
नाखूनों में भरी हुई गंदगी को संभालकर साफ़ करें। 
अब तौलिये से पैरों को पोंछ लें और उसमें अच्छे से लोशन लगाएं। 
हो गए आपके पैर सुन्दर! 

नॉर्मल और सीजेरियन डिलीवरी के बाद कब सेक्स करना चाहिए ?



प्रेगनेंसी के बाद महिलाएं न केवल शारीरिक रूप से बल्कि वह मानसिक रूप से भी थक जाती हैं। क्योंकि, इस दौरान महिलाओं को असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है, जिससे कि मांशपेशियां थक जाती हैं। ऐसे में, अब बात यह आती है कि प्रसव के बाद महिलाएं कब से सेक्स करना शुरू कर सकती हैं। आमतौर पर शिशु के जन्म के करीब तीन सप्ताह बाद महिलाएं सेक्स करने के लिए तैयार होती हैं। क्योंकि, इस समय तक प्रसव के बाद होने वाले रक्तस्राव की समस्या खत्म हो जाती है।
यदि बच्चा नार्मल हुआ हो तो

यदि बच्चा नार्मल हुआ हो तो, प्रसव के बाद कब सेक्स करना उचित है इसके लिए एक बार डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होगा। क्योंकि, इस दौरान संक्रमण होने का खतरा बहुत अधिक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्लेसेंटा के बाहर निकलने से गर्भाशय पूरी तरह से जख्मी हो जाता है, और इसके घाव को भरने में थोड़ा समय लगता है। ऐसे में, बिना डॉक्टर की सलाह के सेक्स करना उचित नहीं होगा।

कुछ मामलों में हसबैंड-वाइफ शिशु के जन्म के एक महीने के अंदर ही संभोग करना शुरु कर देते हैं। लेकिन, कुछ कपल ऐसे भी होते हैं जो सेक्स करने के लिए कम से कम छह सप्ताह तक का इंतजार करते हैं। खासतौर से, जिन महिलाओं का पेरिनियम क्षेत्र प्रसव के दौरान फट जाता या वहां चीरा लगाया जाता है उन्हें कुछ दिन का इंतज़ार जरूर करना चाहिए इसी में उनकी भलाई है।
यदि बच्चा सीजेरियन हुआ हो तो

इसके विपरीत यदि बच्चा सीजेरियन हुआ है, तो कम से कम 6 हफ्तों बाद यौन संबंध बनाने चाहिए। लेकिन इसके वाबजूद एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ली जानी चाहिए। ताकि डॉक्टर इस बात की जाँच कर सकें कि आप के टांके ठीक से भरे हैं कि नहीं और आप की ऑपरेशन के बाद होने वाली ब्लीडिंग रुकी है कि नहीं। क्योंकि, प्रसव में ब्लीडिंग यूट्रस के अंदर से होती है, जहां पर प्लासेंटा स्थित होता है। हालाँकि, यह ब्लीडिंग हर गर्भवती महिला को होती है, चाहे उस की डिलीवरी नौर्मल हुई हो या सीजेरियन। इन सब जाँच के बाद अगर डाक्टर आपको सेक्स की इजाजत दे देते हैं, तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि टांके पर किसी तरह का कोई दवाब न पड़े। क्योंकि, इस समय तक टाकें पूरी तरह से ठीक नहीं होते हैं। ऐसे में सेक्स के दौरान अपने पोजीशन का जरूर ध्यान रखें।
इसके अलावा, आप श्रोणि मांसपेशियों का व्यायाम करें, इससे आपकी योनि की मांसपेशियों की मजबूती लौटने में मदद मिलेगी। जिससे कि आप सेक्स को एन्जॉय कर सकती हैं।

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