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जानिए सेक्स करने के लिए सुरक्षित समय (सेफ पीरियड) –


जानिए सेक्स करने के लिए सुरक्षित समय (सेफ पीरियड) –
जानिए सेक्स करने के फायदे और लंबे समय तक सेक्स ना करने के नुकसान - Healthy Reasons You Should Have Sex and side effects of not having sex in Hindi

Safe Period to Avoid Pregnancy After Menstruation in Hindi सेक्स के लिए सुरक्षित समय (सेफ पीरियड) का मतलब है की जब महिलाएं अनप्रोटेक्टेड सेक्स करने पर भी प्रेगनेंट नहीं होती है अक्सर महिलाये प्रेग्नेंसी से बचने के लिए सेफ पीरियड की जानकारी रखती है। यौन संबंध बनाना यानि की सेक्स करना एक नेचुरल प्लेजर है। सेक्स करने से कामुकता बढ़ती और अच्छा एहसास तो होता ही है साथ ही सेक्स करने के अन्य कई फायदे होते हैं। लेकिन अक्सर लोग सेक्स करने के उन सेफ डे के बारे में जानना चाहते है जिसमे वो बिना की शुरक्षा के सेक्स कर सकें और प्रेगनेंसी भी ना हो, तो आइये जानते है महीने के उन दिनों के बारे में जिसमे आप बिना किसी प्रोटेक्शन के सेक्स कर सकते है।

संभोग करने के दौरान पूरी तरह से सुरक्षा बरतनी चाहिए अन्यथा आप गर्भवती भी हो सकती है। गर्भधारण करनाचाहती है तो आपको ओव्यूलेशन पीरियड में यानि की पीरियड्स से 14 दिन पहले सेक्स करना चाहिए। लेकिन गर्भधारण नहीं करना चाहती तो आपको इसका ख्याल रखना चाहिए की कब सेक्स करना सुरक्षित होता है। आंगे के लेख में हम इसके बारे में आपको बताएँगे की वो कौन से दिन होते है जिसमे सेक्स करने से आप गर्भवती नहीं होगीं।


हालांकि बहुत सारी गर्भनिरोधक गोलियां बाजार में मौजूद होती है लेकिन अगर आप उनका सेवन नहीं करना चाहती तो सेक्स करते समय सावधानियां बरते और सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं। इस आर्टिकल में हम विस्तार से बताने जा रहे हैं कि कब सेक्स करने से आपके गर्भवती होने के चांस कम हो जाते हैं।
आइए जानते हैं सुरक्षित सेक्स के तरीके और सेफ पीरियड से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

1. सेक्स करने के लिए सुरक्षित पीरियड्स के दिनों की गणना कैसे करें – How To Calculate Safe Sex Period Days in Hindi
2. सेक्स करने के लिए सुरक्षित पीरियड्स के दिनों की गणना करने के स्टेप – How To Calculate Safe Sex Period Days steps in Hindi
3. गर्भवती होने से बचने के लिए कब ना करें सेक्स – When to avoid sex to avoid pregnancy in Hindi
4. मासिक धर्म के दौरान सेक्स करना सुरक्षित माना जाता है – Sex during menstruation cycle is safe in Hindi
5. गर्भावस्था रोकने के लिए अन्य उपाय – Different method to avoid pregnancy in Hindi
ओव्यूलेशन की जांच शरीर का तापमान माप कर करें – Body Temperature Method to check Ovulation in Hindi
ओव्यूलेशन पीरियड की जांच का तरीका है सर्विकल म्यूकस – Cervical Mucus or Ovulation Method in Hindi
ओवुलेशन साइकिल की जांच के लिए कैलेंडर की तारीखों का ध्यान रखें – Calendar Or Rhythm Method to check Ovulation in Hindi

6. सेक्स के बाद गर्भावस्था की जांच जरुर करें और सावधानी बरतें – Avoid Misconceptions and test pregnancy in Hindi
सेक्स करने के लिए सुरक्षित पीरियड्स के दिनों की गणना कैसे करें – How To Calculate Safe Sex Period Days in Hindi

मासिक धर्म चक्र पीरियड्स आने के पहले दिन से अगली बार पीरियड्स आने के पहले दिन की अवधि के बीच का हिस्सा होता है। पीरियड्स के सात दिन और 21वें दिन के बाद अगला पीरियड्स आने तक का समय सेक्स करने के लिए सुरक्षित माना जाता है। इस दौरान आप बिना किसी परेशानी और चिंता के सेक्स कर सकते हैं। यह पीरीयड हर महिला के लिए अलग-अलग होता है और यह उनके मासिक धर्म चक्र पर निर्भर करता है। अगर आपका मासिक धर्म चक्र छोटा है तो आपके गर्भवती होने के चांस ज्यादा हो सकते हैं। इसलिए गर्भधारण से बचने के लिए 3 स्टेप की मदद से पीरियड कैलकुलेटर को जांचे और गर्भधारण करने से बचे।

सेक्स करने के लिए सुरक्षित पीरियड्स के दिनों की गणना करने के स्टेप – How To Calculate Safe Sex Period Days steps in Hindi


सुरक्षित पीरियड्स के दिनों की गणना का पहला स्टेज प्री-ओव्यूलेटरी या फर्टिलाइजर फेज होता है। फर्टिलाइज़र फेज 2 से 14 दिनों के बीच का होता है जब आपका शरीर हार्मोन स्रावित करता है जो कि गर्भाश्य में अंडे की वृद्धि को उत्तेजित करते हैं। हार्मोन्स यूट्रस लाइनिंग को मोटा कर देते हैं जिससे फर्टीलाइजिंग एग मिल जाते हैं। यह अवस्था एस्ट्राडियोल हार्मोन द्वारा नियंत्रित होती है।
इसका दूसरा स्टेज ओव्यूलेशन फेज कहलाता है जो कि मासिक धर्म चक्र के बीच के दिनों मे आता है जब परिवक्व ओवेरियन फॉलिकल्स फर्टिलाइजेशन के लिए अंडे को रिलीज करने को तैयार हो जाते हैं। यह काफी संवेदनशील पीरियड होता जब एक महिला के गर्भवती होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं।

वहीं यह आखिरी फेज़ है जो कि ओव्यूलेशन के बाद शुरु होता है और गर्भावस्था में खत्म होता है या फिर अगली बार पीरियड्स आने पर खत्म होता है। इस फेज़ में यूट्रस लाइनिंग मोटी हो जाती है और गर्भधारण के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है। यह समय 16 दिनों के लगभग का होता है। लेकिन अगर यह 12 दिन से छोटा होता है तो गर्भधारण करना मुश्किल हो जाता है।

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गर्भवती होने से बचने के लिए कब ना करें सेक्स – When to avoid sex to avoid pregnancy in Hindi

महिला के गर्भाश्य में स्पर्म 5 दिन तक जीवित रहता है। ऐसे में आपको ध्यान कि रखना चाहिए कि आपको कब सेक्स करना है और कब नहीं। दरअसल कंडोम के बिना सेक्स करना ज्यादा कामुकता का एहसास करवाता है लेकिन ओव्यूलेशन से 5 दिन बाद तक आपको बिना प्रोटेक्शन के सेक्स नहीं करना चाहिए। सेक्स करने के लिए सुरक्षित पीरियड्स के दिनों की गणना करके आप बिना किसी परेशानी के सेक्स कर सकते हैं और खुद यह जान सकते हैं कि गर्भधारण करने के लिए आपको कब सेक्स करना चाहिए और कब नहीं। सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमालकरना सुरक्षित रहता है। इसके अलावा कॉपर टी और गर्भनिरोधक गोलियां भी गर्भावस्था से बचाने का अच्छा उपाय होती है।


मासिक धर्म के दौरान सेक्स करना सुरक्षित माना जाता है – Sex during menstruation cycle is safe in Hindi


आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन पीरियड्स के दौरान सेक्स करना अच्छा होने के साथ-साथ इस दौरान गर्भधारण की संभावनाएं भी बहुत कम होती है। सेक्स करते समय पीरियड्स के दौरान योनि से निकलने वाला रक्त प्राकृतिक लुब्रिकेशन का काम करता है तो वहीं इस रक्त में मृत अंडे बाहर निकल जाते हैं। जिससे निषेचन नहीं होता है इसलिए पीरियड्स के दौरान सेक्स करना सबसे अच्छा और सुरक्षित माना जाता है।

गर्भावस्था रोकने के लिए अन्य उपाय – Different method to avoid pregnancy in Hindi


अन्य कई तरीकों से शरीर में गर्भधारण होने के प्रति जागरुक रह कर आप खुद को गर्भवती बनने से रोक सकती है। बहुत सारे फर्टीलिटी अवेयरनेस-बेस मैथड यानि (प्रजनन जागरूकता-आधारित तरीके) होते हैं जिनकी मदद से आप खुद पहचान सकती है कि शरीर में ओव्यूलेशन हो रहा है या नहीं?

ओव्यूलेशन की जांच शरीर का तापमान माप कर करें – Body Temperature Method to check Ovulation in Hindi

महिला के ओव्यूलेशन के दौरान शरीर का तापमान साधारण की तुलना में बढ़ जाता है। इसलिए आपको सेक्स करने के बाद शरीर के तापमान को रोजाना मॉनीटर करने की जरुरत होती है।
ओव्यूलेशन पीरियड की जांच का तरीका है सर्विकल म्यूकस – Cervical Mucus or Ovulation Method in Hindi


गर्भ से निकलने वाला सर्विकल म्यूकस की पीरियड्स के दिन से लेकर ओव्यूलेशन के दिनों तक रोजाना जांच करनी चाहिए। वजाइना से निकलने वाला यह म्यूकस गर्भधारण होने के कारण बदलने लगता है। इसलिए रोजाना सर्विकल म्यूकस की जांच करें और अगर ये बदल रहा है तो गर्भधारण को लेकर सतर्क हो जाएं।


ओवुलेशन साइकिल की जांच के लिए कैलेंडर की तारीखों का ध्यान रखें – Calendar Or Rhythm Method to check Ovulation in Hindi


आपका पीरियड्स साइकल का पहला दिन कैलेंडर पर मार्क करें। उसके बाद यह जांचें की आपको पीरियड्स आने में देरी हो रही है या नहीं? अगर देर हो रही है और पीरियड्स नहीं आ रहें हैं तो डॉक्टर को दिखाएं।
सेक्स के बाद गर्भावस्था की जांच जरुर करें और सावधानी बरतें – Avoid Misconceptions and test pregnancy in Hindi


गर्भवती होने से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका कंडोम हैं लेकिन अगर आप फिर भी कंडोम के बिना सेक्स करती है तो सेक्स करने के 24 घंटे के भीतर गर्भनिरोधक दवा जरुर लें। साथ ही आपको समय-समय पर प्रेगनेंसी टेस्ट करते रहना चाहिए।

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