Header Ads

महिलाओं में 5 खूबियां जो पुरुषों को करती हैं आकर्षित



महिलाओं में 5 खूबियां जो पुरुषों को करती हैं आकर्षित


महिलाएं कितनी ही खूबसूरत क्‍यों न हों, लेकिन प्‍यार और सेक्‍स की बात करें तो पुरुष उनकी तरफ आकर्षक तभी होते हैं, जब वो उन्‍हें भा जाये। यहां हम बात करेंगे महिलाओं के शरीर में उन खूबियों की जिसकी ओर पुरुष बहुत तेजी से आकर्षित होते हैं- 

स्‍तन- महिलाओं को देखते ही पुरुषों की पहली नजर सीधे उनके स्‍तन की ओर जाती है। यह प्राकृतिक है, इसमें महिलाओं को बुरा नहीं मानना चाहिये। लेकिन अगर आपके स्‍तन ढीले हैं, तो आकर्षण कम रहता है। बड़े और सुडौल स्‍तन की ओर पुरुष हमेशा आकर्षित होते हैं। यदि स्‍तन छोटे हैं, नीचे की ओर लटके हुए हैं और जरूरत से ज्‍यादा बड़े हैं, तो पुरुष उनकी ओर ज्‍यादा आकर्षित नहीं होते।
जांघें- महिलाओं की पतनी और लंबी टांगें हमेंशा से आकर्षण का केंद्र रही हैं, लेकिन इसी के साथ अगर उनकी जांघें भरी हुई हों तो पुरुष उनकी ओर ज्‍यादा आकर्षित होते हैं। ऐसे में टाइट फिटिंग के कपड़े पहन कर महिलाएं अपने पार्टनर को आकर्षित कर सकती हैं।

हिप्‍स- पुरुषों को बड़े और भरे हुए हिप्‍स ज्‍यादा पसंद होते हैं। लेकिन जरूरत से ज्‍यादा भारी हिप्‍स यौन इच्‍छाओं को कम करता है। 

कमर- पुरुषों को महिलाओं की पतली कमर हमेशा से भाती है। मोटी कमर को पुरुष कम ही पसंद करते हैं। 

होठ- महिलाओं के गुलाबी और पतले होठ पुरुषों को ज्‍यादा आकर्षित करते हैं। लेकिन यहां पर होठों के एक्‍सप्रेशन काफी मायने रखते हैं।



जानिये कॉन्डोम प्रयोग करने के सही उपाये
-------------------------------------------------





यह तो मानना पड़ेगा कि कॉन्डोम विज्ञान का एक अद्भुत देन है। यह न सिर्फ अनचाहे प्रेगनेन्सी से बचाता है बल्कि एसटीडी यानि सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज जैसे, एचआईवी/एड्स के खतरे से भी बचने में बहुत सहायता करता है। सुरक्षित रूप से सेक्स का आनंद उठाने के लिए कॉन्डोम का इस्तेमाल करना ज़रूरी होता है।
सुरक्षित रूप से प्रेम संबंध स्थापित करने के लिए कॉन्डोम का सही तरह से इस्तेमाल करने के बारे में भी जानना ज़रूरी होता है। नहीं तो कॉन्डोम इस्तेमाल करने के बावजुद भी खतरे की संभावना वैसे ही रह जाती है।

1. पैकेट को सही तरह से खोलने का तरीका: ज़्यादातर समय लोग दाँत से पैकेट को फाड़कर खोलने की कोशिश करते हैं जिससे कॉन्डोम के फटने की संभावना बन जाती है। जिसके फलस्वरूप परिणाम अच्छा नहीं हो पाता है।

2. खोलने का तरीका: सामान्य तौर पर लोग यह गलती कर बैठते हैं कि उत्तेजित होने के पहले ही कॉन्डोम को खोल लेते हैं। जिसके कारण जब वे उत्तेजित होने के बाद पहनने जाते हैं तब साधारणतः कॉन्डोम फट जाता है।

3. गलत तरह से पहनने का तरीका: कभी-कभी लोग जल्दी में कॉन्डोम गलत तरह से पहन लेते हैं और फिर खोलकर सही तरह से पहनने के दौरान उसमें शुक्राणु (sperm) के लग जाने की आंशका बन जाती है, जिसके कारण गर्भधारण का खतरा बढ़ जाता है।

4. गलत लूब्रकन्ट (lubricant) का इस्तेमाल: कॉन्डोम के साथ सही तरह के लूब्रकन्ट का इस्तेमाल करना ज़रूरी होता है नहीं तो कॉन्डोम के फटने की संभावना बढ़ जाती है। उदाहरणस्वरूप पेट्रोलियम जेली, लोशन , क्रीम का इस्तेमाल करने से लैटेक्स कॉन्डोम (latex condom) को नुकसान पहुँचता है। इसके लिए ग्लिसरिन का इस्तेमाल करना अच्छा होता है।

5. हवा भरने की गलती न करे: कोई-कोई यह गलती कर बैठते हैं कि कॉन्डोम को पहनते वक्त उसमें हवा भरने लगते हैं। हवा के बुलबुले कॉन्डोम के फटने का कारण बन सकते हैं।

6. पहनने के बाद जगह न छोड़े: वीर्य (semen)के नोक पर पहनने पर जगह नहीं छोड़नी चाहिए इससे फटने का डर बना रहता है।

7. काम हो जाने के बाद पहने रहने की गलती: सेक्स के दौरान उत्तेजना के शमन के बाद भी कुछ लोग पहने रहने की गलती करते हैं जिससे शुक्राणु के निकल कर बाहर आने का डर बना रहता है। इसलिए इस्तेमाल करने के तुरन्त बाद इसको खोलकर फेंक देना चाहिए।

8. सही साइज का चुनाव: कॉन्डोम खरीदते वक्त सही साइज का चुनाव ज़रूर करें। साइज सही नहीं होने पर ढीला हो जाता है या जगह छुट जाता है। जिसके कारण सेक्स के दौरान आनंद पूरी तरह से उठा नहीं पाते हैं।
कॉन्डोम विज्ञान की देन ज़रूर है मगर बनाया तो मनुष्य ने ही है इसलिए कभी-कभी इसको बनाने में या संरक्षित करने में भी कुछ समस्याएं आ जाती हैं इसलिए इस्तेमाल करने के पहले इन बातों पर ध्यान देना ज़रूरी होता है:

• हमेशा अच्छे ब्रैंड का कॉन्डोम ही खरीदें।
• खरीदते वक्त एक्सपाइरी डेट (expiry date) पर ध्यान ज़रूर दें।
• ज़्यादातर लोग पॉकेट में कॉन्डोम लेकर घुमते हैं। सूर्य के किरणों के संपर्क में आने के कारण कॉन्डोम का लैक्टेस और टेक्सचर दोनों नष्ट होने लगते हैं।
इसलिए सुरक्षित और आनंदपूर्ण सेक्स लाइफ के लिए कॉन्डोम का इस्तेमाल ज़रूर करें।


सेक्स क्या है ?







सेक्स का आवेग इतना तीव्र होता है कि नर का जननांग मादा के 

जननांग के मिलन के लिए और मादा नर के जननांग के लिए आतुर हो 

जाती है, यह क्रिया पूर्णतया नैसर्गिक होती है।

सब प्राणियों में सेक्स के लिए सन्देश दिमाग से जननांगों तक जाता है, 

और जननांग सम्भोग के लिए उत्तेजित हो जाते हैं। फिर नर अपना लिंग

नारी की योनि में प्रवेश करा के वीर्य को नारी की योनि में संचित होने के 

लिए छोड़ देता है।


सेक्स के विचार से या किसी स्त्री के साथ सम्भोग की इच्छा होने से लिंग 

में खून के प्रवाह से तनाव आता है, लिंग से बिना रंग का चिकना पदार्थ 

रिसने लगता है। इसी तरह स्त्री के मन में सम्भोग की इच्छा या विचार 

आने से योनि में संकुचन और फैलाव होने लगता है। योनि से भी एक 

रंगहीन चिकना तरल पदार्थ निकलने लगता है। इस पदार्थ से लिंग और 

योनि को सम्भोग के समय घर्षण के दौरान चिकनाई मिलती है।

मेरे अनजाने में मेरा लिंग क्यों खड़ा हो जाता है?

अनजाने में लिंग का खड़ा होना बचपन से अधेड़ उम्र तक होता रहता है। 

किशोर उम्र और शुरुआती जवानी में लिंग बार बार खड़ा होना आम बात 

है। रोज रात में नींद में भी लिंग कई बार तन जाता है।


यह इसलिए भी होता है कि आस पास कई तरह के सेक्स उत्तेजक 

मौजूद होते हैं। जैसे की सड़क पर जानवरों का सेक्स देखना, कोई 

उत्तेजक कहानी पढ़ना या उत्तेजक विचार आना, उत्तेजक फिल्म या 

चित्र देखना आदि, इसके बारे में चिन्ता की कोई बात नहीं।


यह होना एकदम नैसर्गिक है।



पहली बार सेक्स कर रहे है तो ध्यान रखिये ये बातें




ये रोमांचक और ख़ास भी हो सकता है। तो ज़रूरी है की ये खुशनुमा याद की तरह आपके दिमाग में रहे। इसके लिए आपको क्या करना है?

और ये कैसे सुनिश्चित करें की आपके साथी के लिए भी ये आनंद दायक अनुभव हो? पांच बडे तथ्य के इस लेख में जानिए।

अपने साथी की तरफ भी ध्यान दें!

क्या आपके साथी को भी आपके इस मिलन का मज़ा आ रहा है? उनसे पूछिए की क्या वो आराम से हैं? उनसे प्यार के कुछ शब्द कहिये। कहीं वो आपके सामने बिना कपड़ों के झिझक तो महसूस नहीं कर रहे? तारीफ करिए। क्या आप अपने साथी के मन की बात समझ सकते हैं? कहीं ऐसा तो नहीं की वो इस अगले कदम के लिए अभी तैयार नहीं है?

अपनी और उनकी इच्छाओं को समझें। कहीं ऐसा तो नहीं की अभी आप सेक्स के लिए तैयार नहीं हैं? इस बात का फैसला सिर्फ आप कर सकते हैं। किसी के बहकावे में आकर कोई फैसला ना करें और ये कदम उस व्यक्ति के साथ उठाएं जिस पर आपको भरोसा हो। सुखद पहले सेक्स अनुभव की कुंजी यही है!

पहले सेक्स से जुडी दस टिप्स 


जल्दबाजी न करें

जल्दबाजी न करें और प्यार के इस रूप के पहले एहसास का लुत्फ़ उठाएं। एक दूसरे को स्पर्श और चुम्बन से उत्तेजित करें। महिला के कामोत्तेजित होने पर उनकी योनि के भीतर गीलापन आता है। ये गीलापन बहुत ज़रूरी है। ये चिकनाई बढ़ता है और सेक्स के दौरान होने वाली पीड़ा को कम करता है।

लगभग तीन चौथाई युवाओं के पहले सेक्स का क्रम सामान ही होता है: चुम्बन, कपड़ों के भीतर हाथ डालकर स्पर्श। परस्पर हस्तमैथुन और आखिर में सेक्स।

पहले सेक्स के बारे में और जानकारी

पहली बार के सेक्स में क्या करना है। शायद आपको इस बात की जानकारी ना हों। अपने साथी की प्रतिक्रिया को परखें। क्या वो कामोत्तेजित होकर आहें भर रहे हैं? क्या वो आपके हाथ को किसी ख़ास जगह निर्देशित कर रहे हैं? ये संकेत हैं की आप सही दिशा में अग्रसर हैं। लेकिन अक्सर ये संकेत स्पष्ट नहीं होते। इसलिए एक दूसरे से बात करना बहुत ज़रूरी है। काफी लोगों को ये बातें भी उत्तेजित कर देती हैं। और याद रखें की सेक्स और मजाक अच्छा मिश्रण है!

वास्तविकता सिनेमा से अलग है

सेक्स शुरुवात से आनंद दायक अनुभव हो ऐसा बिलकुल ज़रूरी नहीं। लिंग के पहली बार प्रवेश करते समय लड़कियां अक्सर पीड़ा महसूस करती हैं। लड़के पहली बार कंडोम पहनने में कठिनाई का सामना करते हैं। इसके बारे में पहले से जानकारी ले लेना बेहतर है। संभव है की लिंग के प्रवेश करते ही या करने से पहले ही वीर्यपतन हो जाये। या फिर इसका विपरीत- हो सकता है की झिझक और घबराहट के कारण लिंग के सख्त होने में कठिनाई हो। और योनि में प्रवेश करने के लिए लिंग का सख्त होना आवश्यक है।

लेकिन पहली बार सेक्स करते समय ये सब होना बिलकुल सामान्य है। इस बारे में बात करें और फिर से प्रयास करें। अगर सब कुछ सही नहीं हो पा रहा तो निराश न हों और फिर से कोशिश करें।

दर्द

महिलाओं के लिए पहली बार का सम्भोग कष्टदायक हो सकता है। इसका कारण है योनि के भीतर की त्वचा में खिंचाव आना। घबराहट के कारण योनि की त्वचा का संकुचित होना भी सामान्य है। अक्सर दर्द का डर लड़कियों को सम्भोग करने से झिझकने का कारण बन जाता है। अगर वो सहेज हों, उत्तेजित हों और योनि के भीतर पर्याप्त गीलापन हो, तो संभव है की बिलकुल भी दर्द न हो। गहरी सांस लीजिये और आराम करिए। जल्दी या ज़बरदस्ती करने की बिकुल ज़रूरत नहीं है।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.