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सोने से पहले रखेंगे इन 4 बातों पर ध्यान तो तेजी से कम होगा मोटापा

सोने से पहले रखेंगे इन 4 बातों पर ध्यान तो तेजी से कम होगा मोटापा





मॉडर्न समय में मोटापा हर किसी की परेशानी का कारण हैं। मोटापा न केवल हमारी पर्सनैलिटी पर इफेक्ट डालता है बल्कि शरीर को कई बीमारियां भी देता हैं। अपने बढ़ते वजन से निजात पाने के लिए लोग घंटों जिम मे पसीना बहाते है, डाइटिंग और न जाने क्या कुछ नहीं करते है लेकिन मोटापा है कि जल्दी से जाने का नाम ही नहीं लेता हैं। अगर आपका वजन भी तेजी से बढ़ रहा है और आप इसे कंट्रोल में करना चाहते है तो अपने लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव लाएं। इसके अलावा आज हम आपको कुछ ऐसे आसान टिप्स बताएंगे जिसे रात को सोने से पहले करने से आपका वजन तेजी से कम होगा। 

1. नाइट लाइट से रहें दूर

अधिकतर लोगों को रात को कमरे की लाइट जगाकर सोने की आदत होती हैं, जिससे नींद पर असर पड़ता है। शोध के अनुसार, जब नींद पर्याप्त न मिले तो मोटापा भी बढ़ने लगता हैं। लाइट जलाकर सोने से शरीर में बनने वाला मेलाटॉनिन हॉर्मोन कम बनता है, जिस वजह से नींद ठीक नहीं आती। इसलिए सोते समय अपने बेडरूम की सभी लाइट बंद कर दें। 
2. एयर कंडीशनर का टेम्परेचर

सोते समय एयरकंडीशनर का टेम्परेचर कम होना चाहिए क्योंकि सोते समय टेम्परेचर जितना ठंडा रखेंगे, उतना टमी फैट कम करने में मदद मिलेगी। 

3. प्रोटीन शेक पीएं

अपने डिनर में भी प्रोटीन फूड्स शामिल करें। वहीं सोने से पहले प्रोटीन शेक पीया जाए तो बॉडी इसे डाइजेस्ट करने के लिए ज्यादा कैलोरी बर्न करती है, जिससे मोटापा कम होता हैं। 

4. खाने के तुरंत बाद न सोएं

रात को खाने का टाइम टेबल सही रखें। रात को करीब 8 बजे तक डिनर कर लें और सोने से 2 घंटे पहले डिनर करें। इससे वजन कम करने में काफी मदद मिलती हैं। अगर खाने के तुरंत बाद सोया जाए तो सोने के पहले खाने से फूड ट्रायग्लासराइड्स में बदल जाता है और वजन बढ़ता है।

बैठे-बैठ इस मुद्रा को करने से बढ़ती है आंखों की रोशनी...



अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2018) पिछले तीन सालों से मनाया जा रहा है। 2018 में यह चौथी बार मनाया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर डायबिटीज और आंखों से जुड़ी समस्याओं के लिए योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं। नाभि के पास स्थित पैंक्रियाज ग्रंथि से इंसुलिन का स्राव कम हो जाने का परिणाम है-मधुमेह रोग। मधुमेह से मुक्ति के सारे उपाय वही हैं, जिनसे नाभि-क्षेत्र पर दबाव बनता हो अथवा उस स्थान की सक्रियता बढ़ती हो।


प्राण मुद्रा क्या है


मुद्रा चिकित्सा के अनुसार, मधुमेह शरीर में पृथ्वी, जल और अग्नि तत्वों के असंतुलन का परिणाम है। प्राण मुद्रा इन तत्वों को संतुलित करती है। इससे नाभि-क्षेत्र सहित पूरे शऱीर को अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है और पाचन-अंग विशेष रूप से सक्रिय होते हैं।


डायबिटीज के लिए फायदेमंद


मधुमेह के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने में यह उपयोगी है। लंबे समय तक अभ्यास किया जाए तो प्राण मुद्रा से इंसुलिन का पर्याप्त मात्रा में बनना शुरू भी हो सकता है। यदि मधुमेह के रोगी इसके साथ पृथ्वी मुद्रा भी करें तो उन्हें विशेष लाभ होगा।

आंखों के लिए फायदेमंद


हम 80 फीसदी ज्ञान आंखों से ही ग्रहण करते हैं। टेलीविजन और कंप्यूटर के आने के बाद एकटक देखने की लत बढ़ी है, जिससे आंखें जल्दी ही थक जाती हैं। प्राण मुद्रा, नेत्र रोगों में भी विशेष लाभकारी है।


यह नेत्र ज्योति बढ़ाती है और दृष्टि दोषों को दूर करती है। योगी-ऋषि इसी मुद्रा से अपनी प्राणिक ऊर्जा बढ़ाते थे। इससे न सिर्फ मोतियाबिंद जैसे रोगों से बचना संभव है, बल्कि छह महीने के नियमित अभ्यास से चश्मा भी उतर सकता है।


जिस मरीज़ की आंखों में बिल्कुल भी रोशनी नहीं है, प्राण-मुद्रा के नियमित अभ्यास से उसे भी लाभ होने की संभावना है।
मच्छरों से होने वाली बीमारियों के लिए फायदेमंद

बदलते मौसम में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के साथ कई तरह के रोग होने की संभावना बढ़ जाती हैं। इनसे बचने और निज़ात पाने-दोनों ही के लिए प्राण मुद्रा लाभकारी है। इससे शरीर में कफ और अग्नि तत्व का संतुलन स्थापित होता है। खासकर, हृदय से कंठ तक के सभी रोग प्राण मुद्रा से दूर होते हैं। यह मुद्रा हमारी प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करती है। लकवे की कमजोरी, अनिद्रा, तन-मन की दुर्बलता, थकान और नस-नाड़ियों की पीड़ा को दूर करने में भी यह मुद्रा बहुत उपयोगी है।


इससे एकाग्रता बढ़ती है, रक्त शुद्ध होता है और रक्त वाहिनियों के अवरोध दूर होते हैं। यह मुद्रा बोलने की क्षमता बढ़ाती है। आशा, स्फूर्ति तथा उत्साह का संचार करती है। प्राण मुद्रा विटामिनों की कमी को दूर करती है और व्यक्ति को दीर्घायु बनाने में सहायक है। 


ऐसे करें प्राण मुद्रा


कनिष्ठा, अनामिका और अंगूठे के शीर्ष को मिलाएं। शेष अंगुलियां सीधी रखें। 


कितनी देर-धीमी-लंबी-गहरी श्वांस के साथ 45 मिनट रोज़ाना।

अनिद्रा की समस्या से लेकर डायबिटीज तक, मत्स्यासन योग से दूर करें ये 8 प्रॉब्लम




स्वस्थ और फिट करने के लिए लोग जिम में कसरत करके घंटो पसीना बहाते हैं। हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज करने के बावजूद भी बीमारियां पीछा नहीं छोड़ती। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि आपकी वजन बढ़ने से लेकर डायबिटीज तक की समस्या को दूर करेगा। इस योगासन के नियमित अभ्यास से आप न सिर्फ फिट रहते हैं बल्कि इससे कई छोटी-बड़ी प्रॉब्लम भी दूर रहती हैं। रोजाना अभ्यास करने से व्यक्ति जवां रहता है। इसके साथ ही शरीर के अंदरूनी अंग ठीक से काम करते हैं।

कैसे करें मत्स्यासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप पद्मासन स्थिति में बैठ जाएं। इसके बाद धीरे-धीरे पीछे झुकें और पूरी तरह पीठ के बल लेट जाएं। फिर बाएं पांव को दाएं हाथ से पकड़े और दाएं पांव को बाएं हाथ से पकड़ें और कोहनियों को जमीन पर टिका रहने दें। इस बात का ध्यान रखें कि आपके घुटने जमीन को न छुएं। इसके बाद आप सांस लेते हुए हाथों की मदद से अपने सिर को पीछे गर्दन की ओर करें। अब धीरे धीरे सांस लें और धीरे धीरे सांस छोड़े। इस अवस्था को अपने हिसाब से मेंटेन करें। फिर लंबा सांस छोड़ते हुए अपने सामान्य अवस्था में आ जाए।

मत्स्यासन योग के फायदे

1. पेट की चर्बी करें कम

इस आसन को नियमित रूप से करने पर आपके पेट की चर्बी तेजी से कम हो जाएगी लेकिन इसके लिए आपको इस आसन की स्थिति में काफी देर तक रहना पड़ेगा। इससे पेट पर खिंचाव पड़ेगा और आपके पेट की चर्बी कम होगी।

2. थायराइड में फायदेमंद

थायराइड की समस्या को दूर करने के लिए मत्स्यासन रामबाण इलाज है। इस आसन को करने से गर्दन के हिस्से में पाए जाने वाले थायराइड और पारा थायराइड की अच्छी तरह मसाज हो जाती है। इससे थायरोक्सिन हार्मोन के स्राव में मदद मिलती है, जिससे आपकी यह समस्या दूर हो जाती है।

3. दूर होगी कब्ज की समस्या

अगर आपको कब्ज या एसिडिटी की समस्या है तो आप सुबह इस योग को जरूर करें। इसे करने से आपके पेट की मालिश हो जाती है, जिससे कब्ज जैसी प्रॉब्लम दूर हो जाती है। इससे पाचन तंत्र भी सुधरता है

4. फेफड़े रोगों के लिए

इस आसन को नियमित रूप से करने पर छाती चौड़ी हो जाती है, जिससे फेफड़ों और सांस के रोग दूर होते हैं। इसके अलावा यह योग दमे के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

5. रीढ़ की हड्डी होगी लचीली

यह योग पीठ के ऊपरी हिस्से की पेशियों को आराम देने के साथ उसे लचीला बनाने में भी मदद करता है। इसके अलावा यह खून को साफ करने और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में भी मदद करता है।

6. घुटनों और कमर दर्द से राहत

यह योगासन कमर और पीठ में जमे रक्त का प्रवाह ठीक करता है, जिससे आपकी घुटनों और कमर दर्द की समस्या दूर हो जाती है। मगर इसके लिए आपको यह योगासन सुबह के समय करना चाहिए।

7. डायबिटीज रोगियों के लिए

इस योगासन को करने से पैंक्रियास की मालिश हो जाती है, जिससे इंसुलिन के स्त्राव में मदद मिलती हैं। इससे डायबिटीज रोगियों के शरीर में शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

8. नींद की बीमारी

मत्स्यासन करने से अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है। इसके अलावा इससे रात में अच्छी और गहरी नींद आती है।

मत्स्यासन की सावधानी

1. पेप्टिक अल्सर में इस आसन को करने से बचना चाहिए।

2. हर्निया वालों को यह आसन नहीं करनी चाहिए।

3. रीढ़ के किसी गंभीर रोग से ग्रस्त व्यक्तियों यह आसन नहीं करनी चाहिए।

4. घुटने में ज्यादा दर्द, स्लिप डिस्क और रीढ़ की समस्या होने पर भी इस आसन को न करें।

5. अगर आपको हाई या लोब्लड प्रेशर या माइग्रेन की परेशानी है तो आप मत्स्यासन ना करें।

6. कम आयु के बच्चे को यह आसन नहीं करना चाहिए।




खराब इम्यून सिस्टम को करना है ठीक तो पीएं यह ड्रिंक




बीमारियों से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी है। मजबूत इम्यून सिस्टम शरीर को रोगों और संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है। खान-पान में जरी सी लापरवाही आपकी पाचन प्रक्रिया को खराब या कमजोर कर देती है, जिसके कारण आपका शरीर हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और बीमारियों से आपकी रक्षा नहीं कर पाता है। इसके अलावा इम्यून सिस्टम खराब होने पर आपको भूख न लगना, पेट में भारीपन, सीने में जलन और शरीर से जुड़ी प्रॉब्लम होने लगती हैं। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी नेचुरल ड्रिंक के बारे में बताएंगे, जिससे आपकी पाचन प्रक्रिया तुरंत ठीक हो जाएगी। तो चलिए जानते हैं इस ड्रिंक को बनाने की विधि।

ड्रिंक बनाने के लिए जरूरी सामान

पानी- 250 मि.ली

दालचीनी स्टिक- 5-6

काली मिर्च- 1/8 टीस्पून

शहद- 1/2 टीस्पून

ड्रिंक को बनाने का तरीका

1. ड्रिंक बनाने के लिए सबसे पहले 250 मि.ली पानी में 5-6 दालचीनी स्टिक को 5-7 मिनट के लिए उबाल लें।

2. इसके बाज में इसमें 1/8 टीस्पून काली मिर्च और 1/2 टीस्पून शहद मिक्स करें और 2 मिनट के लिए उबाल लें।

3. अब रात का भोजन करने के करीब 30 मिनट बाद इस ड्रिंक का सेवन करें। इसका सेवन सुबह तक आपकी पाचन क्रिया को ठीक कर देगा।

इस बात का रखें ध्यान

अगर आपका इम्यून सिस्टम ज्यादा खराब है तो इसे पीने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।


इन चीजों का सेवन बढ़ा सकता है पेट का दर्द, रहे सावधान




पेट में दर्द : आजकल 5 में से 3 लोग पेट में दर्द होने की समस्या से परेशान है। गलत खान-पान , घंटों एक ही जगह पर बैठे रहना, पेट में कीड़े होने पर दर्द होने लगता है। पेट में दर्द होने और गैस्टिक कई कारणों से बन सकती है। आज हम आपको कुछ ऐसे अनहेल्दी फूड्स के बारे में बताने जा रहे है, जोकि पेट में दर्द का कारण बनते हैं। पेट में दर्द होने पर इन चीजों का सेवन आपके पेट दर्द को बढ़ा सकता है इसलिए सावधान रहें।

1. दूध और दूध से बनी चीजें: जिन लोगों के पेट में दर्द होने की समस्या रहती है। उनको दूध या दूध से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। दूध से बनी चीजों को पचाना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि जिन लोगों अपच की समस्या रहती है उनको दूध से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। 

2. ज्‍यादा सॉस न खाएं: खाने के साथ सॉस और शरबत का अधिक सेवन करने से फ्रक्‍टोज कॉन सिरप की मात्रा बढ़ जाती है। जो कि पेट की समस्‍याओं का कारण बनती है।

3. चाय या कॉफी न पिएं: कॉफी और चाय का सेवन करने से पेट में दर्द या एसिडिटी बनी रहती है। खाने के तुंरत बाद चाय बिल्कुल ना पिएं एेसा करने से पेट में गैस बनने लगती है। 

4. फास्टफूड्स: आजकल लोगों फास्टफूड्स के दीवाने बन गए है। मगर तला-भूना खाना खाने के बाद पेट में गैस और दर्द की समस्या होने लगते है। कई बार पेट दर्द होने पर फास्टफूड्स खा लेने से पेचिश और उल्टी की समस्या भी शुरू हो जाती है।

5. शराब: शराब का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है। एल्कोहल पीने से पेट में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। इसके साथ ही पेट में सूजन आ सकती है और आंतों से जुड़ी बीमारी की शुरुआत हो सकती है।

6. तरबूज: गर्मियों में ठंडक के लिए हर कोई बहुत अधिक मात्रा में तरबूज खाना पसंद करता है लेकिन इसमें मौजूद फ्रक्टॉज पेट में गैस के साथ सूजन की समस्या भी बढ़ा देता है। इसलिए तरबूज का सेवन कम से कम मात्रा में कम करें।

शरीर में आयरन की कमी को पूरा करती है ये चीजें



स्वस्थ रहने के लिए जितनी जरूरत विटामिन्स और कैल्शियम की होती है। उससे कई ज्यादा आवश्यकता आयरन की होती है। शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया की समस्या रहती है और खून का लेवल गिरने लगता है। शरीर को सुचारू रूप से चलाने में खून का अहम रोल है। इसकी कमी होने पर थकावट रहना, सांस लेने में तकलीफ, मांसपेशियों में दर्द, चेहरे की रंगत फिकी पड़ना, नाखूनों का टूटना, दर्दनाक पीरियड्स, सिर दर्द रहना, बाल झड़ना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। शरीर में आयरन की मात्रा को पूरा करने के लिए मांसाहारी लोग मांस-मछली खाते। मगर अक्सर शाकाहारी लोग इस कंफ्यूजन में रहते हैं कि वह कौन सा आहार खाएं जिनसे उनके शरीर में आयरन की कमी पूरी हो। आज हम आपको उन्होंने चीजों के बारे में बताएंगे जिनमें आयरन की भरपूर मात्रा होती है।

1. मुनक्का

शाकाहारी लोगों के मुनक्का बहुत फायदेमंद होता है। जो लोग मांस-मछली नहीं खाते उनका मुनक्का का सेवन करना चाहिए। मुनक्के में आयरन और विटामिन बी की भरपूर मात्रा पाई जाती है। जिन लोगों के शरीर में आयरन की कमी होती है वह मुनक्के का सेवन करके इस समस्या से राहत पा सकते है। मगर ध्यान रहे कि मुनक्के की तासीर गर्म होती है। इसलिए गर्मियों में इसका सेवन कम करना चाहिए।

2. काजू 

सूखे मेवों में काजू सबसे ज्यादा टेस्टी होता है। टेस्टी होने के साथ ही यह हैल्दी भी होता है। इसमें पोटेशियम, मैग्नीशियम,फास्फोरस, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई, विटामिन बी 6 के अलावा आयरन की भी भरपूर मात्रा पाई जाती है। 10 ग्राम काजू में 0.3 मिलीग्राम आयरन होता है। जो स्वस्थ रहने के लिए बहुत ही जरूरी है। 

3. पालक

पालक में विटामिन बी6, ए, सी आयरन, कैल्शियम और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसका सेवन करने से शरीर में शरीर में किसी भी पौषक तत्व की कमी नहीं होती। पालक की सब्जी या जूस बनाकर भी पी सकते हैं। 

4. आंवला का रस

आंवला और जामुन के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से भी शरीर में खून की कमी पूरी होती है। हमीग्लोबिन की कमी को पूरा करने के लिए लगातार 1 हफ्ते तक इसका सेवन करें।

5. ब्रोकली 

शाकाहारी लोग शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए ब्रोकली का सेवन भी कर सकते हैं। ब्रोकली में आयरन के अलावा विटामिन सी मौजूद होता है जो इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करता है। 

6. चुकंदर का रस 

1 गिलास चुकंदर के जूस में 1 चम्मच शहद मिक्स करके रोजाना पीने से भी शरीर में आयरन की कमी पूरी हो जाती है। इसके अलावा गुड़ के साथ मूंगफली को मिलाकर खाने से भी शरीर में आयरन को मिलता है।

7. अनार

अनार या इसके जूस का रोजाना सेवन करने से शरीर में कभी भी आयरन की कमी नही होती। एनिमिया के रोगियों को अनार को सेवन जरूर करना चाहिए। 

8. मोटे अनाज

मोटे अनाज का सेवन करने से भी शरीर में खून की मात्रा पूरी होती है। शरीर में आयरन की मात्रा को बढ़ाने के लिए डाइट में गेंहू और सूजी से बनी चीजे अपनी डाइट में शामिल करें।

9. गुड़

कई लोग भोजन करने के बाद गुड़ खाना पसंद करते हैं। गुड़ में भी आयरन की भरपूर मात्रा होती है। रोजाना एक टुकड़ा आयरन का खाने से शरीर में खून की कमी दूर होती है। 

10. केला

केले में प्रोटीन, आयरन, और खनिज जैसे तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर में आयरन की मात्रा को पूरे करने में सहायक होता है। 

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